ग्राम बढेड़ी राजपुतान का आंगनबाड़ी केंद्र बना कूड़े का ढेर, जिम्मेदार खामोश
बढेड़ी राजपुतान (हरिद्वार)। ग्राम बढेड़ी राजपुतान में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों बदहाली का शिकार है। बच्चों की शिक्षा, पोषण और देखभाल के लिए बना यह केंद्र आज कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है। केंद्र के आसपास फैली गंदगी, सड़ांध और बदबू ने न केवल ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, बल्कि यहां पढ़ने आने वाले छोटे-छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में लंबे समय से कूड़ा जमा है, जिसकी नियमित सफाई नहीं हो रही। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गंदे पानी और कचरे के कारण मच्छरों व कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बच्चों में बीमारियों का खतरा बना रहता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर खामोश नजर आ रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद न तो सफाई कराई गई और न ही सौंदर्यकरण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में सब कुछ ठीक दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल सफाई कराई जाए, नियमित कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था हो और परिसर का सौंदर्यकरण किया जाए, ताकि बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे गंदगी और बदबू के बीच पढ़ने को मजबूर रहेंगे? क्या प्रशासन उनकी सेहत और भविष्य को लेकर कभी गंभीर होगा? अब जरूरत है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द कार्रवाई करे, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सके और बच्चों को एक साफ-सुथरा माहौल मिल सके।

