दिव्यांग की गुमशुदगी से मर्डर मिस्ट्री तक: हरिद्वार पुलिस ने 48 घंटे में हत्यारों को किया बेनकाब
हरिद्वार | A BHARAT NEWS10
हरिद्वार में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की गुमशुदगी का मामला महज 48 घंटे में ब्लाइंड मर्डर केस में तब्दील हो गया। SSP हरिद्वार के नेतृत्व में पुलिस ने तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस ने एक आरोपी अयान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
📌 मोबाइल बना मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष का मोबाइल फोन छीने जाने का विरोध करना उसकी जान पर भारी पड़ गया। आरोपियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए पहले मोबाइल छीना और फिर गला दबाकर मनीष की निर्मम हत्या कर दी।
📌 गुमशुदगी से हत्या का खुलासा
शुरुआत में मामला गुमशुदगी का दर्ज किया गया था, लेकिन हरिद्वार पुलिस की गहन जांच, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया गया।
👮 SSP हरिद्वार के नेतृत्व में बड़ी सफलता
SSP हरिद्वार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम की तत्परता और प्रोफेशनल जांच के चलते 48 घंटे के भीतर आरोपी तक पहुंच बनाई गई।
🚨 एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
✔️ अयान — गिरफ्तार
❌ दूसरा आरोपी — फरार (तलाश जारी)
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
⚠️ समाज को झकझोर देने वाली घटना
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि मोबाइल जैसी छोटी चीज़ के लिए इंसान की जान ले ली गई।
हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।

